आलोट में घमासान, मची खलबली।
आखिर क्यों रोकी सूची?
आलोट विधानसभा की तीनों परिषदों की पार्षद प्रत्याशियों की सूची नही हुई जारी,मच रही खलबली
रतलाम/बड़ावदा(ब्यूरो)
शिरीष सकलेचा
नगरीय निकायों के पार्षद पद के प्रत्याशियों की जिले की कई नगर परिषदों व जावरा नपा के पार्षद पद की सूचियां कल देर रात जारी की गई। लेकिन अभी तक आलोट विधान सभा की सूचियां जारी नही होने से भाजपा खेमे में खलबली मची हुई है। कल रात जब जिले की सूचिया आना शुरू हुई तो हर किसी की निगाह बड़ावदा की सूची पर लगी थी कई लोग देर रात तक थोड़ी थोड़ी देर में मोबाइल पर आने वाले मैसेज को देखते रहे जब सूची नहीं आई तो भाजपा कार्यकर्ताओं में पत्रकारों ने जिला पदाधिकारियों से संपर्क किया जिसके बाद संकेत मिले कि आज रात सूची जारी नहीं होगी उसके बाद भाजपा कार्यकर्ता हताश होकर आज का इंतजार कर रहे हैं बताया जाता है कि आलोट विधानसभा क्षेत्र की तीनों नगर परिषद में कुछ वालों को लेकर भारी वजन फंसी हुई है क्योंकि तीनों परिषद में जिन लोगों के टिकट काटे जाने की चर्चा है वह ताकतवर माने जाते हैं जिससे मामला तगड़ा उलझ गया है उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वह कॉल रिसीव नहीं कर रहे उधर जिले के पदाधिकारी स्पष्ट तौर पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं सूत्रों के मुताबिक आज दोपहर तक भी सूची जारी होना मुश्किल है बताया जाता है कि यदि दोपहर तक सूची जारी नहीं हुई तो फिर कल ही प्रत्याशियों की घोषणा की जाएगी हो सकता है संगठन अभी से सूची जारी करके इसी प्रकार का विरोध मोल नहीं लेना चाहता है फार्म जमा करने की अंतिम तिथि कल दोपहर 3 बजे तक है। बता दे बड़ावदा नगर परिषद के लिए चार वार्डो के लिए माथापची चल रही है। इन वार्डो के लिए दावेदारों के आका लगे हुए है।
उधर जावरा में पार्षदो की सूची जारी होने के बाद कुछ विरोधाभास भी सामने आए है। विधायक डॉ राजेन्द्र पांडे समर्थकों को भरपूर मौका मिला है। यहाँ जैन समाज के अनिल धारीवाल का टिकिट तय होने के बाद प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कानसिंह चौहान ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कोर कमेटी के फैसले को बदलने के बाद अपील समिति में जाने को कहा है। ज्ञात हो पहले शिवेंद्र माथुर का टिकिट तय बताया जा रहा था। जब यह चर्चा चली कि जैन समाज के किसी व्यक्ति को टिकिट नहीं दिया जा रहा है तो समाज ने सोशल मीडिया व विधायक डॉ राजेंद्र पांडे को फोन लगाकर इस संबंध में विरोध जताया। उसके बाद संभवत धारीवाल का टिकट तय करके जैन समाज को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया। जावरा नगर में जैन समाज के काफी वोटर है जो भाजपा का सहयोग तन मन धन से करते आए हैं। ऐसे में भाजपा इस समाज को उपेक्षित भी नहीं कर सकती ।जिससे भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान अन्य चुनाव में हो।
बरहाल अब आलोट विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी तीनों नगर परिषद के पार्षदों की सूची का बेसब्री से सभी को इंतजार है। उसके बाद ही वस्तुस्थिति सामने आएगी।
