आखिर क्यों निराश हुए रतलाम के लोग?
कलेक्टर के तबादले ने निराश किया रतलाम के लोगों को
रतलाम।शिरीष सकलेचा
रतलाम कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का खरगोन तबादला जिले के लोगो को रास नही आ रहा है।उनकी जगह नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी रतलाम के नए कलेक्टर के रूप में जिले की प्रशाशनिक व्यवस्था संभालेंगे।
लगभग 370 दिन रतलाम जिले के कलेक्टर रहने वाले कुमार पुरुषोत्तम के तबादले की खबर आते ही जिले भर में उनके कार्यों के तरीकों को पसंद करने वाले लोग उनके तबादले को रुकवाने की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस आशय की काफी पोस्ट वायरल हो रही है। आमजन का कहना है कि कुमार पुरुषोत्तम ने रतलाम का कलेक्टर पद संभालने के बाद जिले की फिजा बदलने का काम किया है। कोरोना काल में उन्होंने काफी सूझबूझतलता के साथ इस महामारी से लड़ते हुए आमजन का पूरा सहयोग किया था। जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में भी काफी परिवर्तन देखने को मिला था जिससे जिले में हर विभाग में कसावट नजर आ रही थी क्योंकि कलेक्टर ने काम करने वालों को नवाजा तो लापरवाही बरतने वालों को सजा भी दी थी। ईमानदार कलेक्टर के जल्दी यहां से जाने से जिले के लोगों में मायूसी छा गई है। पुलिस कप्तान गौरव तिवारी के अचानक तबादले के बाद कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के तबादले की खबर ने जिले वासियों को निराश किया है। कुमार पुरुषोत्तम के खरगोन जाने के बाद अब लोगों को नए कलेक्टर से भी काफी उम्मीदें है क्योंकि जिले के कई नगर एवं गांव संवेदनशील है जहां प्रशासनिक सूझभुज अमन चैन कायम करने में काफी मददगार साबित होती है। बताया जाता है कि नए कलेक्टर भी सख्त मिजाज के हैं। खैर तबादला मोना एक प्रशासनिक प्रक्रिया है लेकिन अच्छे एवं ईमानदार अफसर के जाने से आमजन को ठेस पहुंचती है।
