विधायक मनोज चावला को क्या भरोसा दिलाया कांग्रेसियों ने ?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक मनोज चावला से कहा, आप जो करेंगे वह हमें मंजूर
बड़ावदा।शिरीष सकलेचा।
नगर परिषद चुनाव को लेकर यहां कांग्रेस ने भाजपा को रायशुमारी में पीछे रखते हुए पहले कार्यकर्ताओं का मन टटोलने वआवेदन लेने में बाजी मार ली है। यहां बुधवार को विधायक मनोज चावला ने कार्यकर्ताओं ,कांग्रेस पदाधिकारियों एवं पार्षद पद के दावेदारों से लगभग 2 घंटे तक चर्चा की ।कार्यकर्ताओं व दावेदारों का मन टटोलने आए विधायक मनोज चावला के सामने कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नगर के 15 वार्डों के लिए 50 से भी अधिक पार्षद पद के दावेदारों ने अपने आवेदन दिए। लगभग हर वार्ड से तीन आवेदन दिए जाने की जानकारी मिली है। कुछ वार्डों में सिंगल आवेदन गए हैं। जिससे ऐसे दावेदारों के टिकट तय है। बैठक में कार्यकर्ताओं ने अपने अपने विचार भी रखें और सभी ने एक स्वर में कहा कि जो विधायक तय करेंगे वह सभी को मंजूर होगा। विधायक मनोज चावला ने कहा कि यह चुनाव हमें हर हाल में जीतना है क्योंकि बड़ावदा नगर की जनता अब विकास चाहती है भाजपा के कार्यकाल में इस नगर की क्या सजा हुई है यह आप सभी अच्छी तरह से जानते हैं बड़ावदा की जनता कांग्रे से बहुत उम्मीद लगाए बैठी है यदि आप कार्यकर्ता एकजुट होकर अपने अपने वार्ड को जिताने का मजबूत इरादा रखेंगे तो कोई ताकत कांग्रेश को नहीं हरा सकती है यह समय हमारे लिए सुना रहा है विधायक ने कहा कि मैं अपनी सर्वे टीम यहां भेजूंगा उसके बाद मुझे जीतने लायक जो उम्मीदवार लगेगा उसको टिकट दिया जाएगा लेकिन जीने टिकट ना मिले वे निराश ना हो पार्टी के लिए कार्य करते रहें आगे और भी कई ऐसे मौके आएंगे जैसे कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान मिलेगा।संचालन चेतन लड्ढा ने व आभार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राधेश्याम चौहान ने माना।
विधायक चावला द्वारा बैठक में अपनी टीम से सर्वे कराए जाने की बात कहने के बाद बताया जाता है कि यहां उनकी टीम सर्वे के लिए नगर में घूम रही है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा विधायक मनोज चावला के निर्णय को सर्वमान्य करने की बात तो बैठक में कर दी गई है लेकिन क्या जिन कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं मिलेगा वे पार्टी का कार्य करेंगे, यह चर्चा का विषय है ?अब देखना है कांग्रेस कार्यकर्ता विधायक मनोज चावला को दिए गए भरोसे पर कितना खरा उतरते हैं? यदि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधायक के निर्णय को मान लिया तो कांग्रेस एकजुटता के साथ चुनाव लड़ कर भाजपा को टक्कर दे सकती है।
उधर अभी भाजपा में संगठन द्वारा नगर परिषद चुनाव को लेकर किसी तरह की बैठक नहीं किए जाने व कार्यकर्ताओं से रायशुमारी नहीं की गई है जिससे कार्यकर्ता असमंजस में पड़े हुए है। बताया जाता है कि पंचायत चुनाव नाम वापसी के बाद भाजपा के पदाधिकारी नगर परिषद चुनाव को लेकर पूरी दिलचस्पी लेंगे। बरहाल अभी नगर परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस सक्रिय दिखाई दे रही है।
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