मेकलसुता महाविद्यालय में मनाया गया मध्यप्रदेश स्थापना दिवस।
भूमिका भास्कर
डिंडोरी
अमन सिद्दीकी
7723001322
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर एक सप्ताह तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम
डिण्डौरी। स्थानीय मेकलसुता महाविद्यालय में मध्यप्रदेश के 67वें स्थापना दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डाॅ बिहारी लाल द्विवेदी के मार्गदर्शन में किया गया, जिसका विषय आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश रहा। जिसमें उपप्राचार्य डॉ बालस्वरूप द्विवेदी द्वारा बताया गया कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश नया राज्य बना। इसके बाद मध्यप्रदेश का विभाजन कर 1 नवंबर 2000 को देश के 26 वें राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ को अलग कर दिया गया। छत्तीसगढ़ के अलग होने के पूर्व मध्यप्रदेश भारत देश का सबसे बड़ा राज्य था। मध्यप्रदेश भारत के हृदय स्थल के रूप में विराजमान है। स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय एक सप्ताह तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
प्रो निरंजन पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश का जन्म देश को आजादी मिलने के बाद हुआ। मध्यप्रदेश एक ऐसा राज्य है जिसमें पांच राज्यों की सीमाएं मिलती हैं। भू वैज्ञानिक दृष्टि से मध्यप्रदेश प्राकृतिक विरासत से भी भरपूर है, भारत की अनेक प्राकृतिक धरोहर है जैसे गोंडवाना साम्राज्य, विभिन्न राष्ट्रीय पार्क, राष्ट्रीय उद्यान आदि भी मध्यप्रदेश में हैं। भारम के 12 शिव ज्योतिर्लिंग में से दो ओंकारेश्वर एवं महाकालेश्वर मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। राज्य की 70 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या गांव में रहती है, जिसका प्रत्य्ाक्ष संबंध कृषि से है। देश में सबसे अधिक राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य का क्षेत्र मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट भी कहा जाता है। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक व छात्र-छात्राओं के द्वारा मध्यप्रदेश गान गाया गया। आभार व्यक्त प्रो. प्रवीण मानकर व कार्यक्रम का संचालन प्रो. विकास जैन द्वारा किया गया।
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