आखिर शांता बाई ने क्यो मांगी इच्छा मृत्यु?जाने
आखिर क्यों एक महिला को नही मिल पा रहा है न्याय?
सिस्टम की कमजोरी ने अब मजबूर कर दिया शांताबाई को इच्छा मृत्यु मांगने पर विवश
रतलाम से शिरीष सकलेचा
सिस्टम की कमजोरी के चलते आलोट की 16 वर्ष से परेशान 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को न्याय नहीं मिल पा रहा है तो अब थक हार कर इच्छा मृत्यु मांगने पर विवश होना पड़ रहा है ।
प्रदेश सरकार का नाकारा सिस्टम एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 16 वर्षों से न्याय देने में अक्षम है, पिछले 14 दिनों से आलोट तहसील परिसर के बाहर अपनी मांग को लेकर एक बुजुर्ग महिला व उसका परिवार हड़ताल पर बैठा हुआ है,
बता दे जावरा इंदिरा कॉलोनी की रहने वाली 65 वर्षीय शांताबाई अपने पति रमेश कुमार वर्रा की पत्नी है, रमेश कुमार वर्रा आलोट तहसील के सहायक वर्ग-3 पर बाबू के पद पर पदस्थ थे, रमेश कुमार वर्रा की मृत्यु 9-4-2006 को हो गई थी, जिसके बाद इस परिवार ने पेंशन व अनुकंपा नियुक्ति की मांग की तो आज दिनांक तक इस परिवार को ना अनुकंपा नियुक्ति मिली ना पेंशन ना और कोई मिलने वाली सहायता मिली, पिछले 16 वर्षों से यह परिवार शासकीय दफ्तर के चक्कर लगा रहा है,
आज शांताबाई के परिवार ने आज शासन की दमनकारी नीतियों से हार कर महामहिम राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग की है, इनके परिवार से जब हमने इस विषय पर बात की तो इनका कहना था तमाम प्रयासों के बावजूद सरकार में बैठे जनप्रतिनिधि वह प्रशासनिक नुमाइंदे हमारी आवाज को सुनने के लिए तैयार नहीं है, हमें जीवन जीने में कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, अब हम मृत्यु चाहते हैं।
जावरा के पूर्व नपा उपाध्यक्ष अनिल दसेड़ा भी इस बेबस महिला की मदद के लिए आगे आये है। उन्होंने आलोट जाकर पूरी हकीकत समझी।
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