अब मीडिया / पत्रकारिता धंधा बन रहा हैं। धंधेबाज स्वतंत्र नहीं हो सकते।
( लेखक भूमिका भास्कर समाचार पत्र के संपादक है। एवं देश की कई प्रसिद्ध सामाजिक संस्थाओं से जुड़े हुए हैं)...
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