डिंडौरी: नगर परिषद की अंधाधुंध विकास को उड़ा ले गई आंधी।

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भूमिका भास्कर संवाददाता

 

अमन सिद्दीकी डिंडोरी की रिपोर्ट

 

◆ यातायात थाने के पास लगा बोर्ड तेज हवा के झोंके से गिरा

 

◆ हफ्ते भर मे आधे दर्जन बोर्ड हुये क्षतिग्रस्त

डिंडौरी परिषद में अचानक आई विकास की आंधी थोड़ी सी तेज होती हवाओं को नहीं झेल पा रही है। इस क्रम में बुधवार की दोपहर यातायात थाने के करीब लगा स्वागत द्वार थोड़ी सी तेज हवा में टूट कर गिर पड़ा। बताया जाता है अचानक बोर्ड के गिरने से वहां से गुजर रहा बाइक सवार बाल बाल बचा। अपने आप इस तरह हवा में गिरते जिला मुख्यालय के स्वागत द्वार नगर परिषद के घटिया कार्यों को उजागर कर रहे है।गौरतलब है कि नगर परिषद के द्वारा जिला मुख्यालय में लगाए गए स्वागत द्वार जिस रोज लगाए गए उसी दिन कुछ घंटो के बाद सड़क पर आते दिखने लगे थे। लगभग आधा दर्जन बोर्ड हवाओं से फट गए जिसके चलते नगर परिषद के घटिया कार्यों की जिले भर में चर्चा हो रही है। इसके बाद भी नगर परिषद ने न तो इनको हटवाया है न ही गुणवत्तापूर्ण बोर्ड लगाए जा रहे है। यातायात थाना के करीब लगे बोर्ड को कपड़े से ढाक कर रखा गया था, जिसकी वजह वह गलती से दूसरे स्थान पर लग गया था और उसे वहां से हटाकर दूसरे स्थान पर लगाया जाना अभी बाकी था। किन्तु अपने निर्धारित स्थान पर लगने से पहले ही बोर्ड धाराशाही हो गया। इस तरह के घटिया कार्यों को अंजाम देकर नगर परिषद मौन बैठी है। अपनी घटिया करतूत पर जिम्मेदार मुंह खोलने से बच रहे है। जबकि जनता नगर परिषद द्वारा की जा रही धन की बर्बादी को लेकर नाराज है। एक तरफ नगर परिषद के जिम्मेदार जनवप्रतिनिधी नगर विकास के कार्यों पर अरबों रुपए खर्च करने और विकास कार्यों का हवाला दे कर खुद की ही पीठ थपथपाते देखे जाते है। वहीं हवाएं उनके विकास की इस आंधी को जमीन दिखा कर, उनकी पोल खोल रही है। इस सबके बीच नगर परिषद का अमला इस पूरे मामले पर चुप चाप, भगवान भरोसे बैठा है जब मामला थोड़ा ठंडा हो जाएगा तब शायद धीरे से ठेकेदार का भुगतान कर दिया जाएगा।जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय में 14 स्वागत द्वार बनाए जाने की योजना ने करीबन 14 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। जिसने से 10 स्वागत द्वार पर लगे बोर्ड में से आधा दर्जन बोर्ड क्षतिग्रस्त हो चुके है अब तक जो गिनती के बोर्ड सही सलामत दिखाई दे रहे है उनका भी भविष्य बहुत अधिक नहीं है। घटिया गुणवत्ता वाले ये बोर्ड कभी भी सड़क पर आ सकते है और कोई बड़ी घटना भी घट सकती है जिसको लेकर नगर परिषद बिल्कुल गंभीर नहीं है।

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