अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहा प्राथमिक स्कूल झुरगी।
*अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहा प्राथमिक स्कूल झुरगी*
आकाश चक्रवर्ती मोहगांव
एक ओर शासन प्रशासन बच्चों का भविष्य बनाने लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है तो वहीं विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते ग्रामीण अंचलों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। यहां बच्चों के भविष्य के साथ जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है। क्षेत्र में कई ऐसे विद्यालय हैं जहां अतिथि शिक्षकों के भरोसे स्कूल संचालित हो रहे हैं जबकि क्षेत्र के कई बड़े स्कूलों में स्थाई शिक्षकों की मांग निरंतर उठ रहीं है इस ओर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण लगातार जिम्मेदार शिक्षकों की ऐसी अनियमितता सामने आ रहे हैं।
ग्राम पंचायत झुरगी पोंडी की प्राथमिक स्कूल में 100 बच्चों से अधिक संख्या दर्ज हैं लेकिन शाला में पूरा कामकाज अतिथि के शिक्षकों के भरोसे चल रहा है। यहां शिक्षकों की कमी खल रही है यहां पर शिक्षक पदस्थ तो है लेकिन वह भी 10/10/2022 से छुट्टी में चले गए हैं इस और जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण लगातार बच्चों के भविष्य को दांव पर लगाया जा रहा है। स्कूल में एक ही शिक्षक पदस्थ है जो भी बहुत दिनों से अटैच में थे अब उनका ट्रांसफर होकर खीसि स्कूल चले गए और वह भी समय पर नहीं आते थे इस कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार प्राथमिक शाला झुरगी में कक्षा पहली से 5वीं तक है शिक्षक ना होने की वजह से छात्रों की रुचि होने के बाद भी उन्हें पढ़ाई करने के लिए नहीं मिल पा रही है। यहां स्थाई शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की शिक्षा पर बूरा असर प़ड़ रहा है जिले में कई विद्यालय ऐसे हैं जहां शिक्षकों की आवश्यकता नहीं होने के बावजूद तय पद से अधिक शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता होने के बावजूद स्थाई शिक्षक विद्यालयों में नहीं जा रहे हैं। यह पूरी व्यवस्था शिक्षा विभाग की ओर से ही बिगड़ी हुई है। इन तमाम अव्यवस्थाओं के बीच शिक्षक की मनमानी भी छात्रों के अध्ययन पर खासा प्रभाव डाल रहे हैं।
शहरी क्षेत्रों में शिक्षक बनाये अपना निवास : ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक पदस्थ होने की वजह से वह मुख्यालय पर निवास नहीं करते बल्कि शहरी क्षेत्रों में अपना निवास बनाए हुए हैं इस वजह से शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी रूप सिंह भगत द्वारा कभी क्षेत्र में भ्रमण नहीं किया जाता जिस कारण शिक्षकों की अनियमितताएं लगातार बढ़ती जा रही है। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सिर्फ कार्यालय में बैठकर ही अपने निरीक्षण पंजी की खानापूर्ति की जाती है अब देखना यह है कि इस पूरे मामले को उच्च अधिकारियों द्वारा संज्ञान में लेते हुए कोई ठोस कार्रवाई की जाती है या फिर तमाम मामलों की तरह है इस गंभीर मामले को भी दरकिनार कर दिया जाता है
मोहगांव क्षेत्रीय जनपद सदस्य बोधसिंह मरकाम का कहना है मेरे द्वारा निरीक्षण में पाया गया की वहा पे पूरा स्कूल अतिथि शिक्षकों के द्वारा चलाया जा रहा है जिसमें बच्चों को अच्छी शिक्षा प्राप्त नहीं हो पा रही है 100 बच्चों के बीच में दो अतिथि शिक्षक ही पढ़ा रहे हैं जहां पर एक से पांचवी तक की क्लास लगाई जा रही है शिक्षा विभाग के मुख्य अधिकारियों को यहां का जायजा लेना चाहिए झुरगी स्कूल में अभी तक कोई सरकारी टीचर पदस्थ नही किया गया है हर साल कोई भी शिक्षक को अटैच कर दिया जाता झुरगी स्कूल में 3 साल से यही चल रहा है
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