जैन धर्मावलंबियों के चातुर्मास हुए पूर्ण।
जैन धर्मावलंबियों के चातुर्मास हुए पूर्ण, कल बड़ावदा में साध्वी मंडल करेगी स्थान परिवर्तन,झंडा चौक में होंगे सार्वजनिक प्रवचन
बड़ावदा।शिरीष सकलेचा
जैन धर्मावलंबियों के चातुर्मास सोमवार को पूर्ण हुए। इस दौरान श्रावक श्राविकाओ ने एकासन , उपवास ,आयम्बिल, पोशध, आदि किये। चातुर्मास पूर्ण होने पर बिदाई का आयोजन भी हुआ। सुभाष सकलेचा , कैलाश मरमट आदि ने अपने विचार रखते हुए कहा कि साध्वी मुक्ति प्रिया श्रीजी, हर्ष प्रिया श्री जी आदि ने बड़ावदा नगर में 4 माह धर्म आराधना करवा कर जनजागृति का अलख जगाया है जो हमेशा स्मरण ही रहेगा।
साध्वी हर्ष प्रिया श्री जी ने कहा कि आज इंसान की स्थिति पशुओं से भी बदतर हो गई है। इंसान हर जगह सिर्फ अपना स्वार्थ देखता है। स्वार्थ कभी परमार्थ तक नहीं पहुंच पाता है व्यक्ति को हमेशा निस्वार्थ बनकर कार्य करना चाहिए। आपने 12 व 13 नवम्बर के दो दिवसीय छरी पालक पैदल यात्री संघ की जानकारी दी। संघ बड़ावदा से श्री सेमलिया तीर्थ का निकलेगा। दोपहर में चातुर्मासिक चौदस के देव वंदन हुए।
श्री संघ अध्यक्ष मानमल सकलेचा व चतुर्मास समिति सचिव शिरीष सकलेचा ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार कार्तिक पूर्णिमा पर जैन परंपरा के अनुसार चातुर्मास पूर्ण होने के बाद साधु भगवंत स्थान परिवर्तन करते हैं। इसी संदर्भ में साध्वी मंडल जय शेखर धाम दादावाड़ी से अपना स्थान परिवर्तन करते हुए साध्वी अर्हम प्रियाश्री जी के सांसारिक निवास पर पहुंचेंगे। उसके पहले प्रातः 8:45 बजे कार्तिक पूर्णिमा का देव वंदन एवं श्री सिद्धाचल की भाव यात्रा होगी। उसके पश्चात प्रातः 9:15 बजे स्थान परिवर्तन के रूप में एक शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई झंडा चौक पहुंचेगी। यहाँ प्रातः 10 बजे साध्वी मंडल के सार्वजनिक प्रवचन होंगे। साथ ही विदाई एवं अनुमोदना कार्यक्रम होगा यहां जैन एवं जैन बंधुओं द्वारा साध्वी मंडल को कांबली उड़ाई जाएगी। प्रकाश सकलेचा ने धर्मालु जनों से आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया है।
