1857 के महान विद्रोह में महिलाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार का किया गया आयोजन।
1857 के महान विद्रोह में महिलाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार का किया गया आयोजन
बुधवार को रघुवीर सिंह राजकीय महाविद्यालय ललितपुर में मिशन शक्ति कार्यक्रम के चतुर्थ सोपान एवं आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर केशव देव की अध्यक्षता में 1857 के महान विद्रोह में महिलाओं की भूमिका विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर केशव देव ने कहा कि विश्व के सबसे शक्तिशाली साम्राज्य को 1857 के विद्रोह में भारतीय योद्धाओं एवं वीरांगनाओं के द्वारा सर्वप्रथम चुनौती दी गई, जिससे आजाद भारत की राह प्रशस्त हुई। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई लखनऊ की हजरत बेगम आदि वीरांगनाओं का 1857 के विद्रोह में अग्रिम स्थान एवं भूमिका रही है। सेमिनार में मुख्य वक्ता वाणिज्य विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर श्री विजेंद्र सिंह द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि आदिकाल से ही हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति रूप में देखा गया है तथा राक्षसी शक्ति को नष्ट करने के लिए देवी शक्ति पर आश्रित होना पडता था, वर्तमान में भी स्वतंत्रता संग्राम एवं राष्ट्रीय आंदोलन में भी महिलाओं की अग्रणी भूमिका रही है। मिशन शक्ति संयोजक अनुराधा सिंह ने कार्यक्रम का संचालन एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में डॉ मनीष कुमार वर्मा,डॉ रवींद्र कुमार सरोनिया,श्रीमती अर्चना सुरोठिया , सुश्री इच्छा ओमर, डॉ सुनील कुमार यादव, श्री विजेंद्र सिंह एवं श्री बारीष द्विवेदी उपस्थित रहे। प्रिंस राठौर,अंशिका यादव ,अंजलि साहू ,आशी साहू ,शिफा मंसूरी ,अमित यादव, आकांक्षा यादव, शिवानी कुशवाहा , तोहीदा बानो , अमित कुमार, अनुज चौहान, आकाश, संयम जैन, यश जैन ,रश्मि देवी , ज्योति कौशिक, कामिनी आदि छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
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