पार्षदों को करना पड़ेगा लेखा जोखा प्रस्तुत।
पार्षद पद के प्रत्याशियों को नाम निर्देशन
पत्र के साथ अपना बैंक खाता नंबर भी देना होगा
नगरीय निकाय के चुनाव-2022 में इस बार पार्षदों को भी अपना व्यय लेखा रिटर्निंग आफिसर के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। पार्षद प्रत्याशियों के व्यय लेखा पर निगरानी रखी जायेगी। इसके लिए पार्षद का फार्म भरने वाले प्रत्याशियों को अपने नाम निर्देशन पत्र के साथ ही अपना हाल ही में खोले गये बैंक खाते की जानकारी भी देना होगा।
पार्षदों को 30 दिनों के भीतर अपना व्यय लेखा प्रस्तुत करना होगा। पार्षद पदों के निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा, नगरपालिक निगम में जनगणना 2011 के अनुसार 10 लाख से अधिक जनसंख्या पर 8 लाख 75 हजार और 10 लाख से कम जनसंख्या पर 3 लाख 75 हजार होगी। इसी तरह नगरपालिका परिषदों में एक लाख से अधिक जनसंख्या पर 2 लाख 50 हजार, 50 हजार से एक लाख तक की जनसंख्या पर एक लाख 50 हजार और 50 हजार से कम जनसंख्या पर पार्षदों के निर्वाचन व्यय की अधिक व्यय सीमा एक लाख रूपये होगी। नगर परिषदों के लिए अधिकतम व्यय सीमा 75 हजार रूपये होगी।
