पीएम मोदी बोले- हमें आगे बढ़ते हुए एक और छलांग लगाने की जरूरत, 1930 और 1942 का दिया उदाहरण
दिल्ली – पीएम मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में ‘निर्बाध ऋण प्रवाह और आर्थिक विकास के लिए तालमेल बनाने’ पर सम्मेलन को संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश की विकास यात्रा का एक बिंदु होता है जब वह एक नई छलांग लगाने का संकल्प लेता है और फिर, पूरा देश नए, पूर्व-निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए खुद को समर्पित कर देता है। 1942 और 1930 – दांडी मार्च और भारत छोड़ो आंदोलन – दो ऐसे मोड़ थे जिन्होंने भारत को इस तरह की छलांग लगाने में मदद की। 1930 में छलांग ने पूरे देश में एक मूड बना दिया और 1942 में छलांग ने 1947 में परिणाम लाए। आज हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां हमें आगे बढ़ते हुए एक और छलांग लगाने की जरूरत है।
सरकार ने बीते 6-7 वर्षों में बैंकिंग सेक्टर में जो सुधार किए, बैंकिंग सेक्टर का हर तरह से सपोर्ट किया, उस वजह से आज देश का बैंकिंग सेक्टर बहुत मज़बूत स्थिति में है। हम IBC जैसे रिफॉर्म्स लाए, अनेक क़ानूनों में सुधार किए, ऋण वसूली न्यायाधिकरण को सशक्त किया। कोरोना काल में देश में एक समर्पित स्ट्रेस्ड एसेट मैनेजमेंट वर्टिकल का गठन भी किया गया। सरकार द्वारा पिछले 6-7 वर्षों में बैंकिंग क्षेत्र में किए गए सुधारों ने इस क्षेत्र को बहुत मजबूत बना दिया है। बैंकों की वित्तीय स्थिति आज काफी बेहतर है। हमने 2014 से पहले बनी समस्याओं को हल करने के तरीके खोजे हैं। हमने एनपीए की समस्या का समाधान किया, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण किया, आईबीसी जैसे सुधार लाए, कई वैधताओं में सुधार किया और ऋण-वसूली न्यायाधिकरण को मजबूत किया।
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