भ्रष्टाचार के दलदल मे पड़ी बम्होरी कला पंचायत ग्रामीणों की योजनाए चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट।
भ्रष्टाचार की दलदल में पड़ी बम्होरी कला पंचायत, ग्रामीणों की योजनाएं चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट
अनियमितता : सचिव, जीआरएस सरपंच तीनो ने किया जमकर भ्रष्टाचार
इमरान खान गाडरवारा
सरकारें योजनाएं तो लागू कर देती है हर साल उन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अरबों रुपये आबंटित भी कर दिए जाते है लेकिन उन योजनाओं के लागू होने के बाद भी उनका लाभ गरीब आम जनता को नही मिल पा रहा है पंचायत में वैठा तिकड़ी उन योजनाओं में भ्रष्टाचार ढूंढ लेती है और गरीबो के मुंह में जाने वाले निवाले को छीनने का काम कर रही है ताजा मामला साईंखेड़ा जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बम्होरी कला से निकलकर सामने आ रहा है जहां 2985 लोगों की आबादी वाले गॉव में ग्रामीणों को उनकी मूलभूत सुविधाओं से सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक द्वारा किये भ्रष्टाचार के चलते वंचित रहना पड़ रहा है। साईंखेड़ा के अंतर्गत आने वाली इस पंचायत में सरपंच नीलेश मेहरा, जीआरएस गौरव सोनी व पूर्व सचिव शेख रफीक मंसूरी व वर्तमान सचिव रमाकांत मेहरा ने जमकर भ्रष्टाचार किया है जब हमने इस पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोलने इसके दस्तावेज खंगाले तो अनेको फर्जी बिल हमे मिले जिन्होंने इस पंचायत में हुए भ्रष्टाचार पर मुहर लगा दी अधिकांश बिल माँ गौरी ट्रेडर्स के थे जिसमें कुछ बिलों में विक्रेता के ना त हस्ताक्षर है और ना ही दुकान कि सील अधिकांश सीमेंट व निर्माण सामग्री इसी दुकान से क्रय की गई है वही कार्यालय व अन्य व्यय सामग्री खरीदने के भी फर्जी बिल मिले जिनमे ना तो कोई जीएसटी नम्बर है ना ही हस्ताक्षर सीधे तौर पर फर्जी बिल लगाकर राशि का आचरण होता गया है। वही अधिकांश राशि वर्तमान सचिव रमाकांत मेहरा ने अपने नाम से निकाली है निकाली गई राशि के बिल में ना तो ये लिखा है कि राशि किस कार्य के लिए निकाली जा रही है और ना ही अन्य जानकारी है। सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी पंचायत अब विवादों में आ फसी है। ये तो केवल भ्रष्टाचार की मात्र एक बानगी थी जो हमने आपको दिखाई है यदि इस पंचायत के पूरे पंचवर्षीय कार्यकाल की जांच की जाए तो करोड़ों के भ्रष्टाचार मिलने तय है पंच परमेश्वर से लेकर मनरेगा ऐंसी कोई विकास मद नही बची जिसमे भ्रष्टाचार ना किया गया हो । वही इस पंचायत में भ्रष्टाचार करने वालों पर जनपद पंचायत साईंखेड़ा के अधिकारियों का आशीर्वाद है जिसके चलते भ्रष्टाचार करने वालों के हौसले बुलंद है।
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