जातिगत आरक्षण के विरोध में खेल परिसर मैदान सागर में उमड़ा जनसैलाब।

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सागर के खेल परिसर मैदान में जातिगत आरक्षण के विरोध में उमड़ा जनसैलाब
सामान्य समाज द्वारा आंदोलन रूपी विशाल सभा का आयोजन हुआ । जिस में सागर जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी ब्राम्हण क्षत्रिय एवं वैश्य समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में एकजुटता दिखाई लगभग 5000 से 6000 की संख्या में लोगों को जोड़ने की आशा थी लेकिन 4000 के लगभग लोगों की उपस्थिति देखी गई कुल मिलाकर एक सफल आयोजन रहा ।
इस आयोजनन का प्रमुख उद्देश्य जातिवाद बढ़ाने वाले आरक्षण को समाप्त करते हुए आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करवाना रहा ।
कार्यक्रम में मंच संचालन और समयाभाव के कारण अच्छे वक्ताओं को पूरी बात ठीक से रखने का मौका नहीं मिल पाया ।
दमोह से मनोज देवलिया अपने काफिले के साथ आयोजन में उपस्थिति दर्ज कराई और अपने ओजपूर्ण वकतव्य से सभा में उपस्थित सभी लोगों को ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया एवं सागर की तरफ से प्रमुख वक्ता पँ. भुवनेश शर्मा ,सतीश पाठक ने अपनी बात रखी एवं कार्यक्रम प्रभारी और युवा ब्राह्मण नेता दिनकर तिवारी सहित कई लोगों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला ,देवरी से पँ. महेंद्र पलिया ने अपनी बात रखी
तथा पूर्व आई ए एस अधिकारी श्री हीरालाल त्रिवेदी जी के भाषणों से सभी का मार्गदर्शन किया

पँ भुवनेश शर्मा ने ज्ञापन वाचन के दौरान मुख्य मांगें रखीं जिसमें
1. आरक्षण को जातिगत न करते हुए आर्थिक आधार पर लागू किया जाए ।
ताकि *हर जाति के गरीबो व वंचितों को,* इसका लाभ मिले; सम्पन्न परिवारों को आरक्षण की कोई आवश्यकता नहीं है ।

2. *पदोन्नति में आरक्षण बन्द* किया जाए । क्योंकि आरक्षण का उद्देश्य था- देश के कमजोर व शोषित वंचित वर्ग का उत्थान किया जाना- और परिवार में किसी सदस्य को सरकारी नोकरी प्राप्त हो जाने से यह उद्देश्य पूर्ण हो जाता है । अतः पदोन्नति में आरक्षण देने का कोई औचित्य नहीं है ।

3. *यदि* किसी एक परिवार में आरक्षण के आधार पर एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्राप्त हो जाती है तो उस परिवार के बाकी सदस्यों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए इस संबंध में आधार नंबर, आयकर रिटर्न एवं परिवार समग्र आईडी का उपयोग करके सरकार के विभागों द्वारा प्रक्रियाओं को सम्पन्न किया जा सकता है ।
साथ ही
EWS मे सुधार अतिशीघ्र किये जाने की वकालत की ओर कहा कि

1. EWS इकोनॉमिक वीकर सेक्शन के सर्टिफिकेट को कम से कम 5 वर्ष के लिए मान्य किया जाए । हर बार इसे बनवाने में अत्यधिक परेशानियां आती हैं, इस की प्रक्रिया भी आसान व सुविधाजनक की जाय ।

2. EWS सर्टिफिकेट वाले उम्मीदवारों को भी अन्य आरक्षित वर्गों की तरह आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट भी दी जाए ।

3. EWS के उम्मीदवारों को आवेदन की फीस में भी, अन्य आरक्षित श्रेणीयो के अनुसार छूट प्राप्त हो ।

4. EWS को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जाए ।
पँ.भुवनेश ने यह भी कहा कि
संविधान में केवल 10 वर्षों के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी लेकिन बारम्बार विभिन्न सरकारों द्वारा कुटिलता से वोट बैंक कमाने के लिए जातिगत आरक्षण बढाते हुए जातिवाद को बढ़ावा दिया है । जिस से आम नागरिकों के अंतर्मन में अन्य जातियों के प्रति वैमनस्यता भी विकसित हो रही है । कार्यक्रम में देवरी से ई.पँ.आशीष गुरू, पप्पू अरेले, राकेश चाचौंदिया सहित जिले के अन्य सभी, ग्राम ,तहसील,ब्लॉक, एवं जिला स्तर के पदाधिकारी एवं आम नागरिक, वरिष्ठ जन एवं पत्रकारगण सहित जन सैलाब ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और माँगे पूरी ना होने पर प्रदेश व्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

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