साधु हत्याकांड का खुलासा पांच आरोपी गिरफतार।
साधु हत्याकांड का खुलासा , 5 अरेस्ट : बकरियां आश्रम में घुसने से हुआ था विवाद , सिर पर दे मारी लाठी , लहूलुहान हालत में कमरे में छोड़ गए , रात में दफनाया
भूमिका भास्कर अखबार संवाददाता अमन सिद्दीकी सुक्रवार 20 मई 2022 –: पुलिस गिरफ्त में आरोपी । सिटी कोतवाली क्षेत्र के खरगहना गांव के गर्रा टोला में एक साधु की हत्या कर शव को दफनाने के मामले में आरोपियों की संख्या तीन से बढ़कर पांच हो गई । पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है । हत्याकांड के मास्टर माइंड पुहुप सिंह ने बताया कि 9 मई को नाबालिग नाती बकरी चराता रहा था , इसी दौरान बकरियां आश्रम के अंदर चली गई । इसके बाद साधु नाती के साथ गाली गलौज करने लगा ।
पुहुप सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मुझे लगी । तब मैं और मेरा बेटा झाम सिंह साधु से सुबह लगभग 9 बजे बातचीत करने गए । तब विवाद बढ़ गया और मैंने गुस्से में साधु के सिर पर डंडे से वार कर दिया । इससे साधु लहु लुहान हो गया । हमें डर लगा कि साधु पुलिस से शिकायत करेगा और हम जेल चले जाएंगे । इसलिए उसे हम तीनों ने आश्रम के कमरे में बंद कर दिया । उस समय मृतक साधु जिंदा था । रात दस बजे के करीब मैं और मेरे दोनों बेटे झाम सिंह , ज्ञान सिंह और पड़ोसी बीरबल एवं नाती निवासी खरगहना आश्रम गए और मृतक के शव को एक किलोमीटर दूर चरखुटिया गांव के समीप नाले केदूर चरखुटिया गांव के समीप नाले के पास दफना दिया । किसी को शक न हो इसलिए मृतक का मोबाइल बंद कर अपने पास ही रख लिया था ।
आश्रम परिसर में मिले खून से ग्रामीणों को हुई शंका
दो दिन से ग्रामीणों ने साधु कमलानंद को नहीं देखा था । पहले सोचा किसी काम से बाहर गए होंगे । लेकिन , एक दिन ग्रामीण आश्रम के अंदर गए तो दीवार में खून के निशान थे । इसलिए ग्रामीणों ने 16 मई को सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई । साधु कमलानंद उर्फ कमलनाथ पिता रामस्वरूप उम्र लगभग 60 वर्ष निवासी खरगहना गर्रा टोला नर्मदा नदी केकिनारे आश्रम बनाकर लगभग 20 वर्षों से रह रहे थे ।
पुलिस को भी करनी पड़ी मशक्कत तब हुआ खुलासा ,,सिटी कोतवाली प्रभारी सी के सिरामे ने बताया कि 16 मई को ग्रामीणों ने साधु की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और बताया कि आश्रम परिसर में खून के निशान हैं । लिहाजा पुलिस के जवान सादी ड्रेस में गांव में लगाए गए । दो दिन बाद पता चला कि मृतक साधु का विवाद पुहुप सिंह के साथ हुआ था । यही से फिर सुराग मिलना शुरू हुए और पुहुप सिंह और झाम सिंह से कड़ी पूछताछ की गई । तब कही जाकर मामले की सच्चाई पता चल सकी ।मामले की सच्चाई पता चल सकी ।
पुलिस अधीक्षक टीम को देंगे पुरस्कार
हत्याकांड के पर्दाफाश की कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर गंगोत्री तुरकर , एएसआई नंद किशोर झारिया , मुकेश बैरागी , अतुल हर दहा , प्रधान आरक्षक सतीश मिश्रा , हरनाम सिंह , देवेंद्र पटले , सुरेंद्र गुर्जर , संदीप शामिल रहे । पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने साधु हत्याकांड का खुलासा करने वाली सिटी कोतवाली की टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है ।
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