मुरझाए चेहरों पर लौट आयी मुस्कान ?

0

आरक्षण को लेकर संशय हुआ खत्म ,अब मुस्कान सामान्य वर्ग के खेमे में

बड़ावदा से शिरीष सकलेचा की रिपोर्ट

नगर परिषद बड़ावदा के अध्यक्ष पद हेतु आरक्षण को लेकर कल शाम से ही संशय का दौर चल रहा था। जो लगभग अब दूर हो गया है। दरअसल कल देर शाम शोशल मीडिया पर जब विभिन्न नगर परिषदों के घोषित आरक्षण की सूची जारी हुई तो उसमें बड़ौदा पिछड़ा वर्ग मुक्त दर्शाया गया। भाजपा व कांग्रेस से जुड़े नेता इसे त्रुटि समझकर बड़ावदा मान बैठे और उन्ही के द्वारा ओबीसी मुक्त की पोस्ट शेयर कर दी गयी। जिससे सही माना गया।यहाँ तक कि कुछ नेताओं के तो फ़ोटो भी फेस बुक पर शेयर होने लगे जिससे यह तय माना जा रहा था कि बड़ावदा ओबीसी मुक्त ही है। फिर भी कई लोग देर रात खंडन करते देखे गए।मीडिया में भी ओबीसी मुक्त की खबर चली। लेकिन आज क्लियर होने के बाद अब सामान्य वर्ग के मुरझाए चेहरे पर एकाएक मुस्कान लौट आई है। जैसे ही बड़ावदा व आलोट नगर परिषद के अनारक्षित होने की जानकारी एक समाचार पत्र के एप पर आई तो सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हुई। इस खबर को अधिकृत मानते हुए हैं सभी ने अब स्वीकार कर लिया है कि बड़ावदा नगर परिषद अनारक्षित है।
एकाएक बड़ावदा का चुनावी परिदृश्य फिर बदल गया है। अब भाजपा व कांग्रेस से अध्यक्ष पद की दौड़ में अनेकों नेता देखे जा रहे हैं सामान्य वर्ग के वार्डों में पार्षद पद के लिए चुनाव प्रतिष्ठा के होंगे क्योंकि अध्यक्ष का चुनाव पार्षद करेंगे और जो अध्यक्ष बनेगा उसे पार्षद बनना भी जरूरी है ।
बताया जाता है भाजपा के एक नेता ने अनारक्षित होने की घोषणा होते ही रतलाम जाकर वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। उधर विधायक मनोज चावला की निगाह भी बड़ावदा नगर परिषद पर टिकी हुई है। चर्चा है कि वे भाजपा की गतिविधियों पर भी निगाह रखे हुए हैं। यहां चर्चा इस बात की है कि कांग्रेस भाजपा की फूट का फायदा उठाने के पूरे मूड में है। ऐसे में भाजपा अब अपने दावेदारों से किस तरह का सामंजस्य बैठा कर नगर परिषद पर कब्जा जमा पाएगी यह देखना है ?बरहाल चुनावी चर्चा की यह शुरुआत है। चुनाव होते होते कई नई चर्चा है सुनने को मिलेगी।

Loading

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!