आखिर ऐसा क्या हुआ जो खुशियां छा गयी?
13 वर्षों बाद बड़ावदा में होगा चातुर्मास, आचार्य श्री ने श्री श्रीसंघ को दी स्वीकृति
शिरीष सकलेचा।बड़ावदा
बड़ावदा नगर मे इस वर्ष के चातुर्मास के लिए जैन श्री संघ आज राजगढ़ मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचा ।जहां सागर समुदाय के आचार्य श्री विश्वरत्न सागर जी महाराज साहब के सम्मुख इस वर्ष के चातुर्मास के लिए साध्वी मुक्ति प्रिया श्रीजी,रिजु प्रिया श्री जी,हर्ष प्रिया जी,जिनप्रिया जी,अर्हम प्रिया श्री जी आदि ठाणा 5 के चातुर्मास की विनती की। बड़ावदा संघ की भाव भरी विनती को देखते हुए आचार्य श्री ने मंच से साध्वियों के चातुर्मास किबअपनी स्वीकृति प्रदान की ।जैसे ही आचार्य श्री ने बड़ावदा के चातुर्मास की घोषणा की तो स्थानीय श्री संघ खुशी के मारे झूम उठा और जमकर नृत्य कर अपनी खुशी बयां की। ज्ञात रहे बड़ावदा नगर के प्रकाश सकलेचा की बेटी अर्हम प्रिया श्री जी भी यहां चातुर्मास हेतु विराजित रहेगी। जिससे यह चातुर्मास इतिहास रचेगा क्योंकि नगर की बेटी को 4 माह तक साध्वी के रूप में देखते हुए उनके श्रीमुख से बहने वाली ज्ञान गंगा का अमृत पान भी नगरवासी करेंगे।बता दे यहां जैन समाज में लगभग 13 वर्षों बाद चातुर्मास होने जा रहा है। वर्ष 2009 में त्रिस्तुतिक जैन समाज के आचार्य श्री हेमेंद्र सुरेश्वर जी के गच्छ के मालव केसरी मुनिराज श्री हितेश चंद्र विजय जी, दिव्य चंद्र विजय जी का ऐतिहासिक चातुर्मास हुआ था। उसके बाद अब बड़ावदा संघ को चातुर्मास का लाभ मिला है ।जिसे समूचे श्री संघ में एवं नगर वासियों में अपार हर्ष है। श्री संघ अध्यक्ष् मानमल सकलेचा ने चातुर्मास श्री की स्वीकृति प्रदान कर बड़ावदा संघ पर उपकार किया है। चातुर्मास की विनती अवसर पर जैन श्री संघ के अलावा माहेश्वरी व अन्य समाज के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
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