आखिर खजूरिया ने क्यों रचा इतिहास जाने ?
खजूरिया ने रचा इतिहास, सरपंच सहित 13 महिला पंच निर्विरोध निर्वाचित, महिलाओं का होगा
बड़ावदा से शिरीष सकलेचा
एक और जहां गांव से लेकर देश में चुनाव लड़ने की होड़ मची रहती है वही कुछ गांव ऐसे भी है जहां के लोग दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपने गांव के विकास के लिए सर्वसम्मति से गांव का मालिक चुन कर सिर्फ और सिर्फ विकास की बात करते हैं । जी हां हम बात कर रहे हैं रतलाम जिले की जावरा जनपद की खजुरिया ग्राम पंचायत की ।जहां के मतदाताओं ने एक अनूठी मिसाल पेश की है । ग्राम पंचायत हेतु यहां सरपंच के साथ ही पंच के 13 वार्ड है। लेकिन ग्राम वासियों की आपसी सूझभुज से पूरे गांव की पंचायत निर्विरोध चुन ली गई है। मजे की बात यह है कि सरपंच के साथ ही सभी 13 पंच भी महिला है। जिससे अब खजुरिया में महिलाओं का राज होगा। निर्विरोध निर्वाचन से ग्राम खजुरिया का नाम पूरे प्रदेश में छा गया है ।यहां के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महिला पँचायत निर्विरोध प आने पर 15 लाख रुपए देने की घोषणा की थी व उस पंचायत में आने का वादा किया था। जिसको लेकर ग्रामीणों ने अमलीजामा पहनाया। अब खजुरिया पंचायत की सरपंच कला कुंवर बने सिंह होगी।
खजुरिया ग्राम पंचायत पर अक्सर भाजपा समर्थकों का कब्जा रहा है इस बार की पंचायत में भी लगभग अधिकांश पंच सरपंच भाजपा के हैं। भाजपा मंडल महामंत्री भेरूलाल गोयल ने कहा कि जिला पंचायत के मतदाताओं ने एक बहुत ही अच्छा फैसला लिया है। जिससे गांव में खुशी का माहौल है। ग्राम पंचायत खजुरिया को मुख्यमंत्री जी से विशेष पैकेज मिलेगा। जिससे गांव विकास की ओर अपने कदम बढ़ाएगा
गांव के ही सरपंच प्रत्याशी के पति मोहनलाल टेलर ने कहा कि गांव वासियों ने काफी सोच समझकर निर्णय लिया है ।जिसमें मैंने भी साथ दिया है। हम राजनीति के बजाय गांव का विकास चाहते हैं हम सब मिलकर ख।खजूरिया पंचायत को आदर्श पंचायत बनाएंगे।
गांव के ही वरिष्ठ मदन सिंह डोडिया जी इस फैसले से बहुत खुश नजर आ रहे हैं उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यहां के मतदाताओं ने एक सजगता भरा निर्णय लिया है.।
नवनिर्वाचित सरपंच ने इस प्रतिनिधि से कहा कि मैं पूरे गांव का आभार प्रकट करती हूं। जिन्होंने मुझ पर इतना बड़ा भरोसा किया है। अब मुझे तो बस खजुरिया पंचायत में मामा जी के आने का इंतजार है। मामा जी के आने के बाद खजुरिया का विकास हमारा मूल मकसद होगा।
बता दें ग्राम पंचायत में नाम वापसी की अंतिम तिथि 10 जून है। लेकिन उसके पहले ही खजुरिया पंचायत में प्रत्याशियों ने चुनाव नहीं लड़ने का मन बना कर अपने फार्म वापस ले लिया है। जिससे यह पंचायत आज ही निर्विरोध चुन ली गई।
