आखिर क्यों झलके खुशी के आँसू ?
- 10 वर्षों बाद सुरेश को देखा तो लगाया गले, निकले खुशी के आंसूबड़ावदा से शिरीष सकलेचा
बड़ावदा नगर के वार्ड क्रमांक 14 के रहवासी स्व मादुसिंह डोडिया जाति भील का सबसे छोटा बेटा सुरेश लगभग 10 वर्षों से घर से लापता हो गया था । युवक मानसिक रूप से बीमार था ।जिसका वर्ष 2012-13 में परिवार द्वारा इलाज भी काफी करवाया उसके बाद भी युवक की मानसिक स्थिति में कोई फर्क नहीं पड़ा और वह अचानक एक दिन घर से लापता हो गया। परिजनों द्वारा उसे काफी ढूंढने के बाद भी वह नहीं मिला तो परिजनों ने मानो उसके मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी लेकिन कहते हैं भगवान के घर देर है अंधेर नही,और वही हुआ। लापता आखिर पहले से अच्छी स्थिति में घर लौट आया। जब परिजनों ने को देखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा सभी ने उसे गले लगाया और संस्था का ह्रदय से आभार माना। इस दौरान परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू निकल आए।
शारदा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन जोकि बोरीवली मुंबई से पंजीकृत है साथ ही देश के कई राज्यों में असहाय लोगों का सहारा बनती है।
संस्था के द्वारा परिवार के सदस्यों को अपने परिजनों को सौंपने गुरुवार को नितिन कुमार खुद बड़ावदा आए।
पत्रकारो से चर्चा में नितिन कुमार ने बताया गया कि हमारी संस्था देश के कई लापता लोगो को जो कि फुटपाथ रेलवे स्टेशन बस स्टैंड पर बुरी तरह से घूमते हैं जिनकी दिमाग की स्थिति सही नहीं होती उनको संस्था के द्वारा उनका ट्रीटमेंट कर उनके परिजनों को घर पहुंचाया जाता है। सुरेश को दिनांक 19- 11- 2021 को द्वारिका सेक्टर दिल्ली से लापता घूमते हुए देखा।हमारी संस्था के अटैचमेंट अपना घर आश्रम पहुंचाया जो कि दिल्ली में स्थित है अपना घर की लगभग 55 ब्रांच है,
वहां पर इस व्यक्ति का इलाज किया गया जिसके बाद अब स्थिति सामान्य होने के पश्चात इससे घर का पता एवं जिला पूछा गया जिस पर व्यक्ति द्वारा अपना नाम सुरेश पिता माधु मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के बड़ावदा नगर का होना बताया इस जानकारी के आधार पर हम सुरेश को अपने घर लेकर आये है।
संस्था द्वारा 2 महीने की गोली दवाई उपलब्ध कराई है। साथ में इलाज के दौरान की गई जांच रिपोर्टओं की फाइल घर परिजनों को सौंप दी है। इसी के साथ 2 वर्ष तक मुफ्त में गोली दवाई संस्था द्वारा इनके घर पर पहुंचाई जाएगी।
संस्था के मुख्य ट्रस्टी डॉ भरत वाटवानी है ।साथ ही उनकी पूरी टीम ऐसे व्यक्तियों का उपचार करती है।
वर्ष 2012-13 मैं परिजनों ने उक्त युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना बड़ावदा पर दर्ज करवाई थी।
सुरेश के मिलने के बाद परिजनों में खुशी जे ठिकाने नही है.।
सुरेश के भाई नन्दू ने बताया कि हमारा घर का सदस्य लगभग 10 वर्षों से गुम था जिसको हमारे द्वारा कई जगहों पर ढूंढा गया कहीं पर भी नहीं मिलने के बाद हताश होकर घर पर बैठ गए थे.
और तो और वह जिंदा है यह मृत इस के बारे में भी पूर्णता विश्वास नहीं था परंतु आज शारदा रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन द्वारा हमारे परिवार के सदस्य को इलाज कर घर लौट आया जिससे पूरे परिवार में हर्ष है ।साथ ही इस संस्था पूरा परिवार आभारी है। संस्था के नितिन कुमार का परिजनों ने पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया ।रहवासी राजेंद्र कुमावत ने कहा कि संस्था ने सुरेश को उनके परिजनों को सुपुर्द कर एक बहुत बड़ा कार्य किया है जिसके लिए संस्था साधुवाद के पात्र है।
