माँ नर्मदा की परिक्रमा कर रही नन्ही बालिका , प्रतिदिन चल रही लगभग 35 किलोमीटर , नगर परिषद कर्मियों ने किया स्वागत।

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निवास (मंडला)

कहते है आस्था में ऐसी शक्ति होती है की फिर वह हर असम्भव बात को भी संभव बना देती है , ऐसा ही नजारा देखने को मिला निवास नगर के समीपी ग्रामों में जब 7 वर्ष की नन्ही बालिका के पावन कदम माँ नर्मदा की परिक्रमा करते हुए नजर आये।

बता दें की 7 वर्षीय नन्ही बालिका श्रुति जिसकी उम्र महज 7 वर्ष है वह माँ नर्मदा की परिक्रमा कर रही है , परिक्रमा में बालिका के साथ उनकी माँ और अन्य 3 परिजन भी शामिल थे।

बता दें की नन्ही बालिका की माताश्री एवं परिजनों की माँ नर्मदा परिक्रमा करने की दृण इक्षा थी और उन्होंने माँ नर्मदा के पवित्र – पावन तट ओम्कारेश्वर से परिक्रमा की शुरुवात की लेकिन नन्ही बालिका श्रुति ने भी मां की परिक्रमा की जिद कर ली , परिजनों को लगा की बच्ची 2-3 दिन में वापस घर जाने को कहेगी लेकिन क्या कहें ऐसी आस्था को निरंतर लगभग 2 माह से बालिका बिना थके , मां नर्मदा के जयकारों के साथ पतित – पावनी माँ नर्मदा की परिक्रमा कर रही है।

बता दें की समस्त परिक्रमावासी महाराष्ट्र के निवासी है और माँ नर्मदा की पैदल परिक्रमा कर रही है , ठंड के समय में भी सीमित संसाधनों में नन्ही बच्ची परिक्रमा कर रही है स्थानीय निवासियों ने बच्ची का मुँह मीठा भी इमरती और मिठाई से करवाया।

बिना थके माँ नर्मदा को याद करते हुए निरंतर बच्ची अपने स्वजनों के साथ परिक्रमा कर रही है , हमेशा ही देखने को मिलता है की माँ नर्मदा की भक्ति से रीझकर बच्चे ,बुजुर्ग,जवान और कुछ लोग तो अपनी नौकरी व्यवसाय तक छोड़कर माँ की भक्ति में लीन हो जाते है और पैदल नर्मदा परिक्रमा करते है।

 

नगर परिषद कर्मियों ने किया स्वागत

जैसे ही नन्ही परिक्रमावसी की सूचना नगर परिषद को लगी तो स्थानीय नगर परिषद अमला मौके पर पहुंचा और नन्ही बालिका का स्वागत किया जिसमे बालिका को और उनके स्वजनों को शाल , श्रीफल भेंट की और मिष्ठान से मुँह मीठा भी करवाया , नगर परिषद कर्मियो में उपयंत्री रोजिया डोंगरे , शैलेश जैन , मोहन मारुवा आदि कर्मी उपस्थित रहे।

बालिका पैदल चलते हुए आज नगर के समीपी ग्राम ग्वारा , हथितारा , गुंदलई से निकली जहाँ स्थानीय लोगो ने उनका स्वागत किया और बालिका का आशीर्वाद भी लिया और अग्रिम यात्रा की शुभकामनाएँ भी दी , बता दें की बालिका को मां नर्मदा अष्टक , आरती भी याद है , जिसका गायन करते हुए बालिका परिक्रमा कर रही है।

बालिका ने परिक्रमा ओम्कारेश्वर से शुरु की है अमरकंटक पहुंचकर पुनः ओम्कारेश्वर की यात्रा करेंगे और ओम्कारेश्वर में ही परिक्रमा पूर्ण होगी परिक्रमा पूर्ण होगी , बता दें की मां नर्मदा की कुल लम्बाई 1312 किलोमीटर है। बता दें की बालिका प्राथमिक शिक्षा भी ग्रहण कर रही है।

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