दादा को मिली जिम्मेदारी से आगे होगा क्या ? जाने
जटिया को फिर से सक्रिय कर उनकी काबिलियत का फायदा लेगी भाजपा,आलोट क्षेत्र में हर्ष की लहर
रतलाम(ब्यूरो)।शिरीष सकलेचा
भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अपने कार्यकर्ता की काबिलियत का फायदा कब और किस समय उठाना है यह अच्छी तरह जानता है। कई बार भाजपा के कार्यकर्ता को भी पता नहीं होता है कि संगठन उसे कब कीस समय कोई जिम्मेदारी दे दे ।
जी हां ऐसा ही कुछ कल भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व में हुए बदलाव में देखने को मिला। यहां भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री,उज्जैन -आलोट क्षेत्र के पूर्व सांसद सत्यनारायण जटिया (दादा)को एक बार फिर एक्टिव करते हुए उन्हें केंद्रीय चुनाव समिति बोर्ड का सदस्य बनाकर एक बार फिर उनकी काबिलियत का फायदा उठाने का प्रयास किया है।
बताया जाता है कि जटिया को जब यह जिम्मेदारी मिली तो उस समय उन्हें खुद भी पता नहीं था। वे इंदौर में किसी एक कार्यक्रम में थे। जहां उन्हें लोग बधाइयां दे रहे थे उस समय जटिया लोगों की बधाई तो स्वीकार कर रहे थे लेकिन उन्हें खुद पता नहीं था कि माजरा क्या है? जब लोगों ने उन्हें बताया कि आपको केंद्रीय नेतृत्व ने एक बड़ी जिम्मेदारी दी है।तब जटिया ने सभी शुभ चिंतकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
डॉ जटिया का उज्जैन आलोट क्षेत्र से गहरा नाता रहा है। इस लिहाजा इस संसदीय क्षेत्र के हर गांव में उनकी इस नियुक्ति से अपार हर्ष देखा जा रहा है डॉक्टर जटिया एक अनुभवी कुशल वक्ता के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं पिछले कुछ समय से अब राजनीति से मानो दूरी बना कर बैठे थे लेकिन एकाएक संगठन में उम्रदराज होने के बावजूद उन पर भरोसा कर एक तीर से कई निशाने साधे हैं डॉक्टर जटिया के साथ ही चुनाव में काम कर चुके बड़ावदा के सुभाष सकलेचा ,बगदीराम मेहरू व खाचरोद के अनोखीलाल भंडारी बताते हैं कि डॉ. जटिया का व्यक्तित्व लाजवाब है। वे छल कपट की राजनीति से हमेशा दूर रहे हैं। अंग्रेजी व संस्कृत भाषा का उन्हें विशेष ज्ञान रहा है। जिनेवा में भारत का प्रतिनिधित्व भी आपने किया था।
7 बार सांसद रहे जटिया की इस उपलब्धि पर आलोट बड़ावदा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए शीर्ष नेतृत्व का आभार माना है।
