पंडित प्रदीप मिश्रा ने प्रथम दिन क्या कहा रतलाम कथा में ।
कोई कितनी भी गालियां दे मुंह पर कपड़ा रख निकल जाए गालियां देने वाले को कर्म फल मिलेगा और यही मिलेगा ।कथावाचक श्री प्रदीप जी मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन कहा ।
गौरव जैन जावरा । देश में ख्याति नाम कथावाचक श्री प्रदीप जी मिश्रा ने रतलाम में आयोजित शिव पुराण कथा के प्रथम दिन कहां की कोई व्यक्ति कितना भी बुरा करें गालियां दे उसके मुंह नहीं लगे चुपचाप मुंह पर कपड़ा रख निकल जाए गाली देने वाले को कर्म फल अवश्य मिलेगा और यही पर मिलेगा । पंडित मिश्रा ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति बुरी संगत शराब, वेश्यावृत्ति या नशाखोरी के गलत मार्ग की ओर अग्रसर हो और आपको उसकी बुरी संगति की थोड़ी भी भनक लग जाए तो उसे शिव मंदिर ले जाओ और उसे भगवान शिव पर एक लोटा जल चलाने की प्रेरणा दें निश्चित रूप से 1 माह के भीतर बुरी संगत में पढ़ा व्यक्ति सही पथ पर अग्रसर हो जाएगा । आपने कहा कि कथा में आओ तो अपनी राजसत्ता, धन, वैभव, ऐश्वर्य एवं विलासिता छोड़कर आए और चित्त लगाकर शिव पुराण श्रवण करें तो निश्चित रूप से उन्हें भगवान शिव विशेष प्रसन्न होंगे । रतलाम में आयोजित कथा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आपने कहा कि रतलाम के लोग इतने खुश हैं कि वह अपने घर में दिवाली आई एसी खुशी मना रहे हैं । निश्चित रूप से सत्संग की कमाई कभी व्यर्थ नहीं जाएगी यह सत्संग की पूंजी कभी समाप्त नहीं होगी । भगवान के नाम जाप कैसे भी भजो वह सब तुम्हारे सामने ही आएगा जिंदगी के कई मोड़ आएंगे लेकिन इस मोड़ पर हमें अहंकार का परित्याग करना होगा । भजन की प्रस्तुति करते हुए आपने कहा कि” बुरे कर्म मत कर बंदे तू बहुत पछताएगा भगवान की आंखों से तू बच नहीं पाएगा” । भजन की प्रस्तुति प्रस्तुति पर उपस्थित शिवभक्त विशेषकर महिलाएं सामूहिक नृत्य करती रही । पंडित श्री मिश्रा जी ने प्रवचन में कहा कि आगामी 29 अप्रैल को शिवरात्रि आ रही है उस दिन किसी भी एक शिव मंदिर पर जाकर जल चढ़ाएं यह आपके और आपके परिवार की सुख समृद्धि धन वैभव एवं मनोकामना पूर्ण करेगा । कथा की समाप्ति “ओम जय जगदीश हरे” की आरती के साथ संपन्न हुई । कथा के पूर्व रतलाम विधायक चेतन कश्यप एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने पंडित श्री प्रदीप जी मिश्रा को शाल श्रीफल एवं पुष्पमाला अर्पित कर सम्मानित किया ।
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