प्रदेश कांग्रेस ने किन दो कद्दावर नेताओं को किया निष्कासित जाने?

0
कहीं विरोधियों की साजिश तो नहीं ?
  • आलोट विधायक चावला के कट्टर समर्थक वीरेंद्र सिंह सोलंकी व  निजाम काजी  को  दिखाया घर का रास्ता,6 वर्ष के लिए निष्काषित
 शिरीष सकलेचा।रतलाम/(ब्यूरो)
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री निजाम काजी एवं जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सोलंकी को प्रदेश कांग्रेस ने किया 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इन दोनों नेताओं के कांग्रेश के निष्कासन की खबर सोशल मीडिया पर आते ही जहां इनके समर्थकों में खासी नाराजगी देखी जा रही है वही उनके राजनीतिक विरोधी मानो  दिवाली मना रहे हो।
गौरतलब है कि निजाम काजी आलोट की राजनीति छोड़कर जावरा नगर पालिका वार्ड क्रमांक 17 से कांग्रेस प्रत्याशी के विरुद्ध निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उनके सहयोगी विरेंद्र सिंह सोलंकी ने भी बगावती रुख अपनाया। इसी कारण ब्लॉक कांग्रेस जावरा एवं जिला कांग्रेस रतलाम की अनुशंसा पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने दोनों नेताओं को 6 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है। बताया जाता है कि नगर पालिका चुनाव में काजी समर्थकों ने 9 वार्डों में कांग्रेस के बागी के रूप में पार्षद प्रत्याशी हेतु खड़े हुए है। बताया जाता  है कि निजाम काजी वर्ष 2004 में आलोट में नगर परिषद के अध्यक्ष पद केकांग्रेस प्रत्याशी डॉक्टर सुनील चोपड़ा के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में खड़े होकर पार्टी को हराया था। एक बार फिर निर्दलीय बंद कर जब निजाम कांग्रेस के खिलाफ बिगुल बजाने निकल पड़े तो प्रदेश कांग्रेश ने भी उनके इस कदम को बर्दाश्त नहीं किया और तत्काल उन्हें कांग्रेस से बाहर का रास्ता दिखा दिया। निष्कासन के बाद इन दोनों नेताओं से चर्चा करने की कोशिश की गई लेकिन फोन व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो पाई ।सोशल मीडिया पर इन दोनों नेताओं के समर्थक खासा गुस्सा निकाल रहे हैं क्योंकि यह दोनों नेता पिछले कुछ समय से कांग्रेश का झंडा उठाकर प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में भी आ चुके थे। वीरेंद्र सिंह सोलंकी जावरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने का पूरा मन बना कर सहारा जमा धन लौटाओ  संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी राजनीतिक जमीन खांसी तैयार कर चुके थे लगता है इनके विरोधियों ने मौके की  नजाकत को देखते हुए उनका निष्कासन करवा कर भविष्य का रास्ता साफ कर लिया है। बता दे कांग्रेस से निष्कासित ये दोनों नेता आलोट विधायक मनोज चावला के दाएं बाएं हाथ माने जाते हैं। उनके निष्कासन के बाद विधायक मनोज चावला का क्या रुख होगा अभी पता नहीं चला है ।हालांकि उन्होंने अभी इस विषय पर चुप्पी साध रखी है। उनसे भी इस संदर्भ में चर्चा करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो पाया आने वाले दिनों में आलोट जावरा कांग्रेसी राजनीति में नया बवाल मचना तय है।

Loading

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Don`t copy text!