कल माहेश्वरी धर्मशाला में क्या होगा ? जाने

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महावीर वितरागी थे, कई उपसर्गों को सहने के बाद भी प्राप्त हुआ कैवल्य ज्ञान– हर्ष प्रिया श्रीजी
आज मनाएंगे ज्ञान पंचमी, कल माहेश्वरी धर्मशाला में होंगे विशेष प्रवचन

बड़ावदा। शिरीष सकलेचा

द्वेष मीठा जहर है जबकि द्वेष कड़वा जहर है। द्वेष से ज्यादा राग (मोह) खरनाक होता है। भगवान नहावीर वितरागी थे। वे किसी से राग रखते थे ना किसी से द्वेष रखते थे इसीलिए कई उपसर्ग सहने के बाद भी उन्होंने कैवल्य ज्ञान को प्राप्त किया जबकि गौतम स्वामी के अनेकों शिष्यों को कैवल्य ज्ञान उनसे पहले प्राप्त हुआ लेकिन उन्हें राग त्यागने के बाद ही कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ। अतः हम अपनी आत्मा का कल्याण करते हुए कुछ प्राप्त करना चाहते है तो राग व द्वेष दोनों से मुक्त होना होगा।
उक्त प्रेरक प्रवचन जय शेखर धाम दादावाड़ी बड़ावदा पर *साध्वी हर्ष प्रिया श्री जी* ने दिए।
आपने कहा कि हर व्यक्ति को अपने -अपने कर्मों के फल मिलते हैं। यदि हम अपना जीवन मंगलमय चाहते हैं, सुख ही सुख की कामना करते हैं तो हमें अपने कर्म भी अच्छे करने होंगे। कर्मों पर ही हमारा भविष्य तय होता है। आपने दिगंबर व श्वेताम्बर समाज की अलग अलग मान्यता के बारे में विस्तार से बताया। प्रभावना राजकुमार मूणत ने वितरित की। संचालन विपुल चत्तर ने किया।आज ज्ञान पंचमी के अवसर पर ज्ञान पूजन का आयोजन होगा।
चातुर्मास समिति सचिव शिरीष सकलेचा ने बताया कि *रविवार* को स्वर्गीय मोहनलाल मूंदड़ा की स्मृति में भगवंता बाई मुंदड़ा परिवार द्वारा चौथे अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जाएगा ।जिसके अंतर्गत साध्वी मुक्ति प्रिया श्री जी, हर्ष प्रिया श्रीजी आदि के *विशेष प्रवचन* प्रातः 9:30 बजे *माहेश्वरी* *धर्मशाला में होंगे* ।11:30 बजे महाआरती व दोपहर 12:15 बजे अन्नकूट प्रसादी का आयोजन होगा। श्री संघ अध्यक्ष मानमल सकलेचा ,राजेंद्र मूंदड़ा आदि ने आयोजन को सफल बनाने का धर्मालुजनों से अनुरोध किया है।

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