रतलाम कलेक्टर थोड़ी देर के लिए बने मास्टर साहब
कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी थोड़ी देर के लिए बन गए मास्टर साहब–
करमदी तथा दिलीप नगर में किया स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता का निरीक्षण
2 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश, जिला शिक्षाधििकारी को मिला शोकाज नोटिस री
रतलाम से शिरीष सकलेचा
कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने शुक्रवार को रतलाम ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। करमदी तथा दिलीप नगर में स्कूलों के निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक गुणवत्ता अच्छी नहीं मिली। कलेक्टर ने थोड़ी देर तक बच्चों की क्लास ली खुद मास्टर बनकर बच्चों का सामान्य ज्ञान भी जाना। नाराज कलेक्टर ने करमदी के 2 शिक्षकों श्रीमती भारती परमार तथा राधेश्याम यादव की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी के.सी. शर्मा को शोकज नोटिस जारी किया, जिला शिक्षा अधिकारी साथ थे।
कलेक्टर ने करमदी में उचित मूल्य दुकान का भी निरीक्षण किया, राशन ले रहे लोगों से चर्चा की। बताया गया कि राशन मिल रहा है, कोई दिक्कत नहीं है। करमदी के शासकीय प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में कलेक्टर ने पाया कि कक्षा तीसरी के बच्चे कम संख्या में आए हैं, कक्षा पांचवी के बच्चे लगभग पूर्ण संख्या में थे। कलेक्टर ने बच्चों से मध्यान भोजन की जानकारी लेते हुए पूछा कि कल क्या खाया था, बच्चों ने बताया दाल, रोटी और आलू की सब्जी। कलेक्टर ने पूछा आज क्या खाया बच्चों ने बताया दाल, रोटी और आलू की सब्जी। इस पर सख्त नाराज कलेक्टर ने कहा कि यह नहीं चलेगा, बच्चों को एक ही मीनू रोजाना दिया जा रहा है जो घोर आपत्तिजनक है। भोजन आपूर्ति करने वाले समूह के दिसंबर माह का भुगतान रोकने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।
कलेक्टर ने बच्चों के सामान्य ज्ञान को परखा, हिंदी की पुस्तक पढ़वाई, पहाड़े पूछें, पढ़ाई में बच्चे अपेक्षा से ज्यादा कमजोर मिले। इस पर शिक्षकों के प्रति सख्त नाराजगी व्यक्त की गई। दिलीप नगर मिडिल स्कूल में कलेक्टर द्वारा कक्षा छठवीं, सातवीं, आठवीं के बच्चों से चर्चा करते हुए उनके सामान्य ज्ञान को परखा गया। कलेक्टर ने दिलीप नगर के शिक्षकों को सख्ती से निर्देशित किया कि यदि उनके द्वारा शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
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