डॉक्टर भास्कर द्विवेदी ने रक्तदान कर बचाई मासूम बच्चे की जान एवं रविदेव परमार ने रक्तदान कर जच्चा बच्चा को दिया नया जीवनदान।
पन्ना से सचिन मिश्रा की रिपोर्ट 9755488451
समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी द्वारा सोशल मीडिया पर रक्तदान का संदेश प्रसारित कर की गई थी अपील
पन्ना : जिला चिकित्सालय में भर्ती उर्मिला के 15 दिन के मासूम बच्चे को बी पॉजिटिव खून की अत्यंत जरूरत थी। परिवार में किसी भी सदस्य का ब्लड ग्रुप मिलान नहीं हो रहा था। तभी ब्लड बैंक के लैब टेक्नीशियन रामनाथ ओमरे द्वारा दूरभाष के माध्यम से जानकारी समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी को दी गई ।समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी द्वारा सोशल मीडिया पर रक्तदान का संदेश प्रसारित किया गया। जिला अस्पताल के कोविड-19 ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर भास्कर द्विवेदी ने जैसे ही संदेश पढ़ा वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी देते हुए तत्काल जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने स्वेच्छा से 16 बी बार रक्तदान कर मासूम बच्चे को नया जीवनदान दिया है। रक्त दान दाता डॉक्टर भास्कर द्विवेदी ने कहा कि रक्तदान प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में 3 से 4 बार अवश्य करना चाहिए। रक्तदान करने से स्वयं का शरीर स्वस्थ रहता है। साथ ही समय दान किए गए खून से किसी के परिवार की खुशियों को आप बचाने का सुनहरा अवसर प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए रक्तदान के कार्य में किसी भी प्रकार का विलंब ना करें ।रक्तदान के इस पुनीत कार्य में लैब टेक्नीशियन दिलीप सिंह रामनाथ समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी प्रगति पटेरिया संतोष तिवारी का सराहनीय योगदान रहा ।
वही आज अगस्त की रात्रि को लगभग 9:00 बजे ग्राम कमताना निवासी क्लेश आदिवासी की धर्म पत्नी गर्भवती सुलोचना आदिवासी उम्र 24 वर्ष को ओ पॉजिटिव खून की अत्यंत जरूरत थी। डिलीवरी के दौरान 4 पॉइंट खून होने के कारण डॉक्टरों द्वारा खून चढ़ाने की सलाह दी गई। पति क्लेश आदिवासी द्वारा अपनी समस्या कमताना निवासी हाल सतना बेरियल पन्ना निवासी उदय पाल सिंह परमार को उनके घर में पहुंचकर जानकारी दी। जिसके बाद समाजसेवी उदय पाल सिंह परमार द्वारा तत्काल ही अपने पुत्र रवि देव सिंह परमार उम्र 29 वर्ष को लेकर जिला अस्पताल पन्ना पहुंचे और उन्होंने बिना कोई विलंब किए स्वेच्छा से अपने पुत्र को पहली बार रक्तदान कराया गया। जिससे गर्भवती महिला के जीवन को बचाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
रक्त दान दाता रवि देव सिंह परमार के पिता उदय पाल सिंह परमार ने कहा कि वह भी कई बार जरूरतमंद लोगों को रक्तदान कर चुके हैं। रक्तदान करने से किसी भी प्रकार की कमजोरियां बीमारी नहीं आती है । हां समय पर किए गए खून दान से आप किसी के घर की खुशियों को बचा सकते हैं। इसलिए वर्ष में दो से तीन बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए। और इस कार्य के लिए लोगों को प्रेरित करते रहना चाहिए। इस अवसर पर समाजसेवी राम बिहारी गोस्वामी लैब टेक्नीशियन बी पी सैनी सुमित सिंह मौजूद रहे।
