मूंग की खरीदी नहीं करनी थी तो किसानों को क्यों दिया लालीपॉप : किसान नेता मनीष पटेल।
राजपाल यादव की रिपोर्ट
मंडी में व्यापारियों को ओने पौने दामों पर मूंग बेचने को मजबूर किसान
बनखेड़ी = किसान नेता मनीष पटेल ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की उपेक्षा को लेकर मीडिया के सामने अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं केंद्र सरकार को जब सरकार को समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी नहीं करनी थी तो किसानों को लालीपॉप क्यों दिया एक तरफ तो मूंग का समर्थन मूल्य 7195 रुपए प्रति क्विंटल कर रहे हैं वही खरीदी केंद्रों पर ग्रेडिंग के नाम पर नमी के नाम पर और मिट्टी के नाम पर किसानों की मूंग वापस की जा रही है जो कि किसानों के साथ अत्याचार है मजबूरी में किसान मंडी में व्यापारियों को मुंग 4 से 5 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने को मजबूर है इससे भाजपा की चाल चरित्र और चेहरा उजागर हो गया है कि वह कितने किसान हितेषी हैं जबकि मूंग खरीदी में हो रही अनियमितताओं और किसानों को होने वाली परेशानियों के संबंध में तहसीलदार राजीव कहार एवं नायब तहसीलदार वंदना सिंह को लिखित ज्ञापन के माध्यम से मिल चुका हूं और उन्होंने मुझे आश्वासन भी दिया था कि किसानों की समस्याओं को जल्द सुलजाएंगे लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है किसानों को प्रतिदिन मूंग खरीदी के नाम पर वापस किया जा रहा है जो अब बर्दाश्त से बाहर है यदि आगे भी यही स्थिति रही तो सभी किसान संगठन आगामी समय में आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे और मैं स्वयं भी किसानों के साथ प्रदर्शन करूंगा किसान नेता मनीष पटेल ने बताया कि कई किसानों ने उन्हें बताया कि तुलाई केंद्रों पर अंधाधुंध घूसखोरी चल रही है
