भूमिका ग्रामोदय समिति द्वारा विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन।
बंडा – मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के मार्गदर्शन एवं भूमिका ग्रामोदय समिति के तत्वाधान में विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर मंगलवार को वार्ड क्रमांक 08 में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता आशीष जैन ने की। संगोष्ठी में तंबाकू के खतरों और स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक प्रभावों के प्रति लोगों में जागरूकता व निकोटीन और तंबाकू व्यवसाय का पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव मुख्य विषय रहा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जैन ने कहा कि तम्बाकू एक धीमा जहर है। तम्बाकू का सेवन करने वालों की मृत्यु दर प्रतिवर्ष बढती जा रही है। इसका एकमात्र कारण सरकार द्वारा सख्त कानून नहीं बनाया जाना है।तम्बाकू व उससे बने उत्पाद मानव जीवन के लिए बहुत घातक है। यह पर्यावरण व हमारे साथ रहने वालों के लिए भी घातक है। उन्होंने कहा कि आज के समय में तम्बाकू उत्पादों की जिस तरह बिक्री हो रही उसे देख कुछ देर के लिए ऐसा लगता है कि यहां गरीबी है ही नहीं। तम्बाकू से होने वाले सत्तर प्रतिशत कैंसर खैनी से होता है। सरकार चाहे या न चाहे लेकिन हम या आप चाहेंगे तो यह जरुर बंद हो सकता है। कहा कि आज के समय में गांव से लेकर मेट्रो सिटी तक के लोग इसका प्रयोग कर रहे हैं। इसका प्रयोग कोई आज से शुरु नहीं हुआ बल्कि मानव समाज का जबसे विकास हुआ तब से इसका विकास होने लगा है। यह बात सही है कि तम्बाकू उत्पादों से देश को काफी राजस्व की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों में जागरुकता लाने का प्रयास करेंगे तो निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। कार्यक्रम को समाजसेवी गजेंद्र सिंह, आर के चौरसिया ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर राजेन्द्र विश्वकर्मा, गोविंद विश्वकर्मा ,सचिन जैन, रूप सिंह ठाकुर आदि उपस्थित थे।
