बाल संरक्षण से जुड़े स्टैक होल्डर्स की समन्वय बैठक सम्पन्न।
सत्येंद्र सिंह की रिपोर्ट
शहडोल 17 अगस्त 2021- समेकित बाल संरक्षण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु स्टैक होल्डर्स की समन्वयक बैठक आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल के सचिव एवं अपर सत्र जिला न्यायाधीश श्री अनूप त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अपर सत्र जिला न्यायाधीश श्री अनूप त्रिपाठी ने कहा कि जी.जी. एक्ट की मंशानुरूप सभी घटक निर्धारित दायित्वों का संवेदनशीलता से निर्वहन करके बालको को संरक्षण और पुनर्वास के साथ विधिक सेवाएं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान बालभिक्षावृत्ति बढ़ने की घटनाएं सामने आई है इसके साथ ही बालश्रम और शिक्षा से छूटने वाले बालकों को चिन्हित कर महिला बाल विकास को अभियान चला कर लाभ दिया जाए तथा अन्य विभागों और सामाजिक लोगो को बाल संरक्षण के लिए संवेदीकरण किये जाने पर बल दिया गया।
बैठक में उप संचालक लोक अभियोजक श्री विश्वजीत पटेल ने पॉक्सो एक्ट के सिद्धान्त की जानकारी देते हुए, पीड़ित बालक के पुनर्वास के साथ प्रकरण में पीड़ित की नैतिक सहयोग देकर आरोपी को सजा दिलाने में बाल कल्याण समिति की भूमिका के महत्व को बताया। साथ ही पुलिस बाल कल्याण अधिकारियों को बताया कि देखरेख और संरक्षण वाले बालको को बाल कल्याण समिति में तथा विधि विवादित बालको को किशोर न्याय बोर्ड में ही प्रस्तुत करें। अध्यक्ष बाल कल्याण समिति श्री प्रदीप सिंह ने समन्वय से बाल संरक्षण के दायित्वों को निर्वहन करने की आवश्यकता पर बल दिया। सहायक संचालक श्री अखिलेश मिश्र द्वारा समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत स्पाॅसर शिप योजना मुख्यमंत्री कोविड बाल सेवा योजना की जानकारी दी गयी। साथ ही सभी कार्य घटकों से आग्रह किया कि जरूरत मंद बालको की सूचना विभाग को देकर योजनाओं से लाभान्वित करने में सहयोग करें। कोविड के दौरान माता पिता को खोने से अनाथ हुए बच्चों को कोई दंपत्ति कानूनी कार्यवाही किये बिना अपने संरक्षण में नही रख सकता है। अनाथ हुए बालक को दत्तक ग्रहण विनियम के प्रावधान के तहत ही गोद लिया जा सकता है। कार्यक्रम में सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सभी सदस्य किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य दल सहित चाइल्ड लाइन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
शहडोल से सत्येन्द्र सिंह कि रिपोर्ट
