आध्यात्मिक बाल मंडल पाठशाला बनखेड़ी़ के बच्चों ने लिया चातुर्मास के दौरान संयम से रहने का संकल्प।

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बनखेड़ी से नफीस खान की रिपोर्ट

बनखेड़ी़ : श्री 1008 वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में चर्तुमास के प्रारंभ के अवसर पर आध्यात्मिक बाल मंडल पाठशाला बनखेड़ी़ के 30 बच्चों ने लगातार 9 वे बर्ष भी संयम पालन ( चतुर्मास ) करने का संकल्प लिया जिसमें रात्रि भोजन का त्याग जमीकंद का त्याग फास्ट-फूड का त्याग और बाजार की बनी खाद्य पदार्थों का त्याग किया और प्रत्येक शनिवार और रविवार को पाठशाला आने का नियम लिया पाठशाला की संचालिका श्रीमती मंजुषा जैन ने संयम धर्म को समझाते हुए कहा की जीवन की धारा को एक निश्चित दिशा और निंयत्रित वेग में प्रवाहित करने का नाम है संयम है अपने मन और इंद्रियों को नियंत्रित रख कर जीवन को आगे बढ़ाने का नाम संयम है आज गुरु पूर्णिमा पर पाठशाला के बच्चों ने अपनी गुरु श्रीमती मंजुषा जैन का सम्मान प्रत्येक चिन्ह देकर किया और चल रहे आठ दिनों से अष्टानिका महापर्व के समापन पर जिन बच्चों ने संयम नियमों का पालन किया उन सभी बच्चों की आज परीक्षा ली गई जिसमें छोटे बच्चों में प्रथम स्थान पर प्री जैन और नैनव जैन दूसरे स्थान पर नैनी जैन तीसरे स्थान पर आरव जैन और कन्या जैन बड़े बच्चों में प्रथम लाड़ो जैन और चाही जैन दूसरे स्थान पर अतिशय जैन ने प्राप्त किया और सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर उत्साहवर्धन किया और पाठशाला के बच्चों ने अभी आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज ससंघ के आगमन पर भक्ति भाव से पूजन और आहारचर्या के लिए चौका 6 दिन लगाये और संघ का विहार भी कराया गया जिसकी सकल दिगम्बर जैन समाज ने सराहना की आने वाले समय में जैन धर्म की ध्वजा इन पाठशाला के बच्चों को ही संभालनी है पाठशाला के व्यवस्थापक संजय कुमार जैन बंटी ने कहा की आज जो प्रदेश में ही नहीं पूरे देश में बनखेड़ी़ जैन समाज का नाम रोशन हो रहा है वह सिर्फ पाठशाला में मिले बच्चों को संस्कार और संयम धर्म पालन। और अनुशासन के कारण हो रहा है गुरुदेव ने भी कहा की बनखेड़ी़ समाज में आस्था और उत्साह देखने को मिलता है वह नगरो और उपनगरों में नहीं मिलता
आज सकल दिगम्बर जैन समाज से बड़ी संख्या में समाज जन ने बच्चों के संयम धर्म पालन करने के संकल्प की अनुमोदना और उत्साहवर्धन के लिए उपस्थित रहे जिसमें प्रमुख रूप से मनोज जैन शैलेश जैन संजय जैन सोनू बबली जैन सहित समाज जन

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