नगर परिषद कार्यालय बंडा में विकास पुरुषों की भरमार, है कोई ऐसा विकास कार्य जो यह न कर सके।

आशीष कुमार जैन 7354469594

बंडा – नगर परिषद कार्यालय बंडा में ऐसे ऐसे कर्मचारी पदस्थ हैं जो बनी न बिगाड़ी तो बुंदेला काय के की कहावत को चरितार्थ कर रहै हैं। नगर परिषद की स्थिति का जिम्मेदार नगरवासी स्वयं है क्योंकि इनके खिलाफ यदि आप आवाज नहीं उठाएंगे तो यह आपके नगर को विकास की बुलंदियों पर नही बल्कि विनाश की कगार पर जरूर ले जाएंगे।

सैंया भए कोतवाल तो डर काहे को

नगर परिषद कार्यालय कुछ कर्मचारी जिले के कलेक्टर से कम नही है। इनके परिवार के सदस्य सत्ताधारी पार्टी में वजनदार पद पर हैं यदि कोई नगरवासी इनके खिलाफ शिकायत करता है तो कोई कार्यवाही नहीं होती। बुंदेली में कहावत है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे को

जातिवाद हावी

नगर परिषद बंडा में जातिवाद इतना है कि एक विशेष जाति के लोगों को यदि किसी कार्य के लिए जाए तो वह तत्काल हो जाता है वहीं अन्य जाति के लोग चक्कर काटते काटते भगवान को प्यारे भी हो चुके हैं फिर भी उनका कार्य नहीं हुआ।

देर से आना जल्दी जाना

नगर परिषद बंडा में कर्मचारी 12 बजे के बाद ही मिलेंगे। यदि कोई काम करवाना है तो 3 बजे के पहले चले जाएं कोई कर्मचारी मिल जाए तो यह समझ ले कि आप बड़े किस्मत वाले हैं। कार्यालय में देर से आना जल्दी जाना कार्यालय का नारा बना हुआ है।

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